पोस्ट्स

जून, २०१८ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

आणि मी विरघळत गेलो..

"हे, सांग ना.!"(असं पावसाकडे बघत तिने माझ्याखांद्यावर डोकं ठेवलं.) मी,"काय सांगू?" ती,"हेच की तुला पाऊस जास्त आवडतो की मी?" मी,"हे काय नवीन?" ती,"सांग ना.!" मी,"प्रेम करतेस माझ्यावर?" ती,"शंक...

ऐतबार..

उसके पायल की चमचम मुझे परेशान कर रही थी। मैंने बिना कुछ कहे अपनी आँखे खोली और उसकी तरफ देखने लगा। होना तो गुस्सा था, लेकिन पता नहीं क्यू उसको देखकर मैं अपना गुस्सा भूल उसे बड...

बारीश में भीगी भीगी वो..

पहली बारीश.. अहाहा हाह... क्या सुकून होता हैं। तीन चार महिने गर्मी से तपता बदन। उसपर पहली बारीश की बुंदे और थंडी हवा में मिट्टी की खुशबू। FM पर बॅकग्राऊंड में सुनिधी के आवाज में '...