बारीश में भीगी भीगी वो..

पहली बारीश..
अहाहा हाह... क्या सुकून होता हैं। तीन चार महिने गर्मी से तपता बदन। उसपर पहली बारीश की बुंदे और थंडी हवा में मिट्टी की खुशबू। FM पर बॅकग्राऊंड में सुनिधी के आवाज में 'भागे रे मन कही, आगे रे मन चला, जाने किधर जानू ना..' ऐसें माहोल में उसकी याद ना आये तो क्या मतलब।
क्या कहाँ? किसकी याद!
ह्म्म... नाम.! चलो आज एक किस्सा सुनाता हूँ.! बेनाम सा। बेनाम क्यु? क्यूकी किस्सा खतम होते होते हर कोई अपना किस्सा साथ में जोड देगा इसलिये बेनाम ताकी सब अपना अपना नाम खुद तय करने में आसानी हो।
ये बात कुछ साल पुरानी हैं। या युं कहो कल की ही हैं।
तब मैं नया नया कॉलेज जाने लगा था। अब आप कहोगे इसमें नया क्या हैं? कॉलेज तो सभी जाते हैं। तो जनाब नयी बात ये हैं की, इस कॉलेज में लडकिया भी थी। अब सोचो जो लडका पहली कक्षा से लेकर दसवी कक्षा तक सिर्फ लडको के साथ पढा हो उसके लिये हुई ना नयी बात। तो हुआ युं। मैं कॉलेज बस से जाता था। और बस स्टॉप कॉलेज से कुछ ढेड किलोमीटर की दुरी पर था। तो एक दिन कॉलेज खतम होने के बाद कुछ दूर आये ओर जोरदार बारीश चालू हो गयी। अब वहाँ से पिछे कॉलेज जाता उतना आगे जाकर स्टॉप आ जाता इसलिये आगे जाना सही समजा।और चलने लगा। तभी किसीने पिछे से किसीने कहाँ,"पागल हो।" मैंने पिछे देखा वो हमारे क्लास की लडकी थी।
मैंने कहाँ," मतलब?"
वो,"इतनी बारीश में कौन भिगता हैं। मेरे छाते में आ जाओ।"
मैं लडको के स्कूल में था। इसलिये उसे ना हाँ बोल पाया ना मना कर पाया। जब तक हाँ और ना से निकलू तब तक मेरे सिरपर छाता था।
हम आगे चल रहे थे। एक छाते में होणे के कारण हमारे कंधे एक दुसरे को छु रहे थे। मैं पहली बार किसी लडकी के साथ छाते में चल रहा था। और ये सोच सोच कर बारीश में भी मुझे पसीना आ रहाँ था। वो मुझे देखकर बोली," तुम सच में इतना शरमाते हो या सिर्फ मेरे लिये हैं ये शरम।" और मैंने बिना कुछ सोचे समझे हाँ बोल दिया। उसने मेरे गिले बालों को बिगाडते हुये कहाँ," पागल हो तुम बिलकुल.!" फिर क्या उसके बाद हर दिन बारीश का इंतजार होणे लगा। ताकी उस बारीश में वो छोटा सा सफर बडा सा कर पाऊ। और वो भी बडे प्यार से मुझे हर बारीश में बिनाबताये छाता मेरे सिरपर रखा करती थी।आज हम अलग अलग शहर में है फिर भी जब बारीश होती हैं तो मैं उसे मेसेज करता हूँ,'बारीश आ गयी। और तुम्हारा पागल आज भी छाता लाना भूल गया।' वो भी जब उसके यहाँ बारीश हो तो मेसेज करती है,' मेरा छाता किसिका इंतजार कर रहाँ हैं।'जवाब में हम एकदुसरे को बस स्मायली फेस वाले इमोजी भेज देते हैं।😊

-बुद्धभूषण जाधव

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